देहरादून: हरिद्वार महाकुंभ 2021 के दौरान कोरोना महामारी काफी लोगो मे फ़ैल रही थी। इस दौरान कई लोग कोरोना संक्रमित भी हुए। लेकिन महाकुंभ में जाने के लिए लोगों को कोरोना जांच करवा कर महाकुंभ में जाने की इजाजत दी जा रही थी। लेकिन इस महाकुंभ के दौरान हुए कथित कोरोना टेस्ट घोटाले में स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर जांच कराने के मूड में नजर आ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में एक और समिति गठित कर दी है। ऐसे में सरकार और स्वास्थ्य विभाग की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि जिलाधिकारी और एसआईटी भी इस मामले में अपनी जांच रिपोर्ट दे चुकी है। बावजूद इसके दोबारा से जांच क्यों कराई जा रही है।
आपको बता दें की हरिद्वार महाकुंभ के दौरान कोरोना जांच में हुई गड़बड़ियों को लेकर को अधिकारी लिप्त हैं उनके उपर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। वही कोरोना जांच करने वाली निजी कंपनियों के संचालकों को जेल की हवा खानी पड़ रही है बावजूद इसके इन सरकारी आला अफसरों पर न ही अभी तक कोई गाज गिरी है और न ही उनके उपर कोई कार्रवाई की गई है। वही मामले को हाईप मिलने के बाद स्वास्थ्य मेला अधिकारी और एक अन्य स्वास्थ्य अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। लेकिन सरकार ने अब इन अधिकारियों को भी बहाल कर दिया है।
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